सगड़ी। परिषदीय विद्यालयों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। कहीं बच्चे ही नहीं है तो कहीं बच्चों के रहने पर भी शिक्षक लापता रहते है। ऐसे ही एक विद्यालय का खुलासा शनिवार को खंड शिक्षाधिकारी के औचक निरीक्षण से हुआ। विद्यालय पर बच्चे तो मौजूद थे लेकिन प्रधानाध्यापक, शिक्षक व शिक्षामित्र गायब थे। सभी का वेतन रोकने की संस्तुति कर दी गई है।
सगड़ी तहसील अंतर्गत प्रावि महुला का खंड शिक्षाधिकारी दीनानाथ साहनी ने शनिवार की सुबह औचक निरीक्षण किया। 8.50 बजे वह विद्यालय पहुंचे गये और करीब 35 मिनट वहीं रहे। विद्यालय पर दो रसोईयां और 60 बच्चे आए। प्रधानाध्यापक अवधेश यादव, सहायक अध्यापक ओंकार सिंह, निधि पांडेय, कविता राय, अरुणिमा सिंह, पूनम यादव और शिक्षामित्र नीलम राय व शकुंतला स्कूल पर नहीं पहुंचे थे। खंड शिक्षाधिकारी ने ही बच्चों से प्रार्थना करवाई और फिर उन्हें पूर्व में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को दुहराने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानाध्यापक समेत सभी सहायक अध्यापक व शिक्षामित्रों का वेतन व मानदेय रोकने की संस्तुति कर दी है। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुला पहुंचे जहां बच्चे तो कक्षा में बैठे थे और सभी आठ अध्यापिकाएं एक साथ बैठ कर बात करते हुए पाई गईं। सभी को कड़ी चेतावनी देते हुए पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दियिा। यहां भी नामांकित 195 बच्चों के सापेक्ष 68 ही उपस्थित थे।