आजमगढ़। शासन ने गैर अनुदानित छोड़कर समस्त विद्यालयों से प्रबंध समिति का नए सिरे से 20 दिसंबर के पूर्व गठन का निर्देश दिया है। इसके लिए अभिभावकों की खुली बैठक बुलाने का भी निर्देश है। बैठक में कम से कम 50 फीसद अभिभावकों की उपस्थिति अनिवार्य है। प्रधानाध्यापकों को उपस्थिति का रिकार्ड भी सुरक्षित रखना होगा। इसके लिए उन्हें माता-पिता व अभिभावकों का हस्ताक्षर या अंगूठा का निशान भी रजिस्टर पर दर्ज करना होगा। कोरम पूरा करने का दायित्व हेडमास्टरों का होगा।
जिले में 2702 परिषदीय विद्यालय हैं। जिसमें 1737 प्राथमिक, 481 कंपोजिट व 484 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए निशुल्क ड्रेस, स्वेटर, निशुल्क पाठ्यपुस्तक, मिड-डे-मिल सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित होती है। शासन की तरफ से योजनाओं पर नजर रखने के लिए विद्यालयों में संचालित प्रबंध समितियों को सक्रिय करने के लिए नए सिरे से समिति का गठन किया जाएगा। शासन के निर्देश पर अब दो साल के लिए विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया जाना है। विद्यालय प्रबंध समिति का गठन दिसंबर माह में किया जाना है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी, शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिनकी देखरेख में विद्यालय प्रबंध समिति का चुनाव होगा। विद्यालय प्रबंध समिति को स्कूलों में सक्रिय करने के लिए अभिभावकों को बुलाकर उनका गठन किया जाएगा। स्कूलों में बनी विद्यालय प्रबंध समितियों को स्कूलों के रख रखाव, सुंदरीकरण बच्चों के नामांकन बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को ठीक से संचालित कराने के लिए प्रत्येक महीने स्कूलों में विद्यालय प्रबंध समितियों का बैठक आयोजित की जाती है। अब शासन के निर्देश पर नए सिरे से गठन किया जाना है।
समितियों का गठन कराने के लिए जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समिति हर माह बैठक कर बच्चों को दिए जा रहे निशुल्क ड्रेस, स्वेटर, निशुल्क पाठ्यपुस्तक, मिड-डे-मिल सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं पर निगरानी रखेगी।
अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।