छात्रवृत्ति न मिलने और शिक्षकों की कमी को लेकर नाराज राजकीय महिला महाविद्यालय समदी की छात्राओं ने सोमवार को सुबह दस बजे अहरौला-कप्तानगंज मार्ग जाम कर धरना देकर कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जिससे डेढ़ घंटे जाम के आवागमन बाधित रहा। छात्राएं मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रही थी। बाद में पहुंची पुलिस ने छात्राओं को समझाकर जाम समाप्त कराया।
बता दें कि अमर उजाला ने रविवार के अंग में छात्रवृत्ति को लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी के बयान पर खबर प्रकाशित किया था।
सोमवार को जब छात्राओं को पता चला की उनका कालेज वेबसाइट पर नहीं है और उन्हें छात्रवृत्ति भी नहीं मिल पाएगी। इससे नाराज छात्राओं ने सुबह दस बजे अहरौला कप्तानगंज मार्ग को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गई। डेढ़ घंटे तक चले जाम के कारण अहरौला कप्तानगंज मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया था। इस दौरान छात्राओं ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे समदी गांव के प्रधान नन्हे यादव ने माध्यमिक शिक्षामंत्री से बात कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन छात्राओं को दिया। लेकिन छात्राएं भड़क गई। कहा कि यहां शिक्षक नही है।
15 शिक्षक की जगह है यहां मात्र पांच शिक्षक तैनात है। हम छात्राएं यहां अच्छी पढ़ाई देखकर आई थी लेकिन सरकार द्वारा हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब पता चला छात्रवृत्ति भी नहीं मिलेगी। उधर, जाम की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अहरौला विजय प्रकाश यादव ने किसी तरह हल निकलवाने का आश्वासन दिया।
बाद में जब महाविद्यालय के प्राचार्य से फोन पर बात की और लखनऊ से ही हल निकलने की बात बताई गई तो थानाध्यक्ष निरुत्तर हो गए। छात्राओं का कहना था हमको लिखित आश्वासन चाहिए, नही तो आने वाले समय मे जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
उधर गांव के लोगों के समझाने पर छात्राओं ने लगभग साढ़े ग्यारह बजे जाम समाप्त किया। जाम के दौरान शालू सिंह, संध्या, पूनम, अंजू गुप्ता, खुश्बू यादव, मनीषा यादव, बेबी विश्वकर्मा, आकांक्षा प्रजापति, संवेदना भारती, नंदनी मोदनवाल, ज्योति तिवारी, एकता सिंह, पिंजू यादव आदि मौजूद थी।