आजमगढ़। सपा कार्यालय पर समाजवाद के प्रणेता डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि सोमवार को मनाई गई। चित्र पर पुष्प अर्पित कर सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया आजादी की लड़ाई के अग्रणी नेताओं में थे। उन्होंने महात्मा गांधी जी से प्रभावित होकर समाजसेवा का व्रत लिया। मातृभूमि की आजादी के लिए देश में आंदोलनों में कई बार जेल गये।
वर्ष 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन में भूमिगत होकर चलाने का फैसला लिया। आजादी मिलने के बाद डॉ. लोहिया समाजवादी विचारधारा सप्तक्रान्ति, गैर बराबरी, ऊंच-नीच, जाति व नारी विभेद, छूत-अछूत विभेद को खत्म कर पिछड़ों के आरक्षण को लेकर आंदोलन चलाया।
बलिहारी बाबू पूर्व सांसद ने कहा कि डॉ. लोहिया वैचारिक आधार पर डा. आंबेडकर का सम्मान करते थे। दोनों मिलकर सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक लड़ाई लड़ना चाहते थे। विधायक डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि लोहिया का नारा था कि अंग्रेजी में काम न होगा, फिर से देश गुलाम न होगा। पूर्व विधायक रामजग राम ने कहा कि देश में पुन: पूंजीवादी, अधिनायकवादियों की सरकार के विरुद्ध डॉ. लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता जन-जन तक पहुंचाना होगा व जालिम सरकार को हटाना होगा। हरिप्रसाद दूबे, कमला प्रसाद यादव, विजय यादव, जयराम सिंह पटेल, प्रेमा यादव, लालमनी राजभर, प्रदीप यादव, बबिता चैहान, श्रृंगारी गौतम, सपना निषाद, बर्मन यादव उपस्थित थे।