फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

36 घंटे बाद मंगई नदी से मिला संतोष का शव, प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुल से नदी में गिरा था

विज्ञापन
विज्ञापन
जहानागंज/तरवां। थाना क्षेत्र के नरेहथा गांव के पास स्थित मंगई नदी में डूबे युवक की 36 घंटे बाद शनिवार की सुबह करीब सात बजे लाश बरामद हुई। एनडीआरएफ की टीम ने अथक प्रयास कर लाश को घटना स्थल से करीब सौ मीटर दूर से बरामद की। वह एक बबूल के पेड़ में अटकी हुई थी। जहानागंज थाने के कुंजी गांव निवासी संतोष कुमार (22) पुत्र शमशेर राम जहानागंज थाने के नरेहथा गांव में स्थित अपने ननिहाल में अपनी पत्नी के साथ रहता था। नरेहथा गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-पाठ किए।
विज्ञापन

गुरुवार को मूर्ति विसर्जन के लिए नरेहथा गांव के पास स्थित मंगई नदी पुल पर ले गए। ग्रामीण नाचते-गाते प्रतिमा लेकर पहुंचे और पुल से नदी में मूर्ति विसर्जित कर दिया। जिस समय मूर्ति नदी में छोड़ी गई। उसमें संतोष का हाथ फंस जाने की वजह से वह भी नदी में गिरकर गहरे पानी में समा गया। तभी से लोग संतोष की तलाश में जुटे हुए थे। संतोष का कोई पता नहीं चलने पर शुक्रवार को गांव वालों ने मौके पर सड़क भी जाम किया था। गांव वालों के उग्र तेवर को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई। तभी से टीम में शामिल 15 जवान लगातार संतोष की तलाश में जुटे हुए थे। शनिवार की सुबह करीब सात बजे एनडीआरएफ की टीम ने संतोष की लाश घटनास्थल से करीब दो सौ मीटर दूर बबूल के पेड़ में अटकी बरामद लिया। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि 36 घंटे बाद संतोष की लाश बरामद हुई। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें