सदर में 27 मामले आए, लेकिन कोई निस्तारित नहीं हुआ। समाधान दिवस में दिव्यांग प्रमाणपत्र, भूमि विवाद, राशन कार्ड, नहर में पानी और विद्युत आपूर्ति समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं।
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संबंधी शिकायतें अधिक हैं, इसलिए राजस्व और पुलिस अधिकारी आपसी समन्वय से निष्पक्ष जांच कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। मेड़बंदी तोड़ने, जबरन कब्जा करने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि शिकायतों को महज औपचारिकता न मानकर केस-टू-केस समीक्षा की जाए। जिन मामलों में मौके पर जांच या संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है, उनमें संबंधित विभागों की संयुक्त टीम भेजकर निस्तारण कराया जाए, ताकि फरियादियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एसएसपी ने भी पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ संवेदनशील मामलों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद प्रसाद, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, एसडीएम लालगंज नेहा मिश्रा, तहसीलदार समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की शिकायत की
संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को भूमि विवाद, अतिक्रमण और किसानों की पानी की समस्या से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। मिर्जा आदमपुर निवासी रामवंश सिंह ने धारा 24 के तहत गाटा संख्या 465 की पैमाइश में राजस्व निरीक्षक हरिद्वार सिंह पर अनियमितता और एकपक्षीय रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। दी बार एसोसिएशन लालगंज के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में टूटी सड़क और जमा मलबे को हटवाने की शिकायत की। संवाद
मंडल अध्यक्ष लालगंज ने सहायक शारदा खंड-23 लालगंज के समक्ष किसानों की पानी की समस्या के समाधान की मांग उठाई। रेतवा चंद्रभानपुर निवासी लौटन चौहान ने भीटा से बेदखली संबंधी वाद में कार्रवाई न होने की शिकायत की। 90 वर्षीय श्रीकांत निवासी यमुना प्रसाद ने अपने हिस्से की जमीन भाइयों द्वारा नहीं दिए जाने की शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई।
कल्याणपुर माणिकपुर निवासी तेज बहादुर ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। वहीं लालगंज निवासी भूपेंद्र आर्य ने आर्य समाज मंदिर की भूमि पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।