आजमगढ़। राष्ट्रीय कवि संगम की जनपद इकाई द्वारा स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ पर आयोजित अमृत महोत्सव कवि सम्मेलन का आयोजन रविवार को मारवाड़ी धर्मशाला परिसर में किया गया। जिसके मुख्य अतिथि शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं समाजसेवी डा. भक्तवत्सल रहे। कवि सम्मेलन का शुभारंभ वरिष्ठ कवि एवं संस्था के उपाध्यक्ष कौशल कुमार राय की वाणी वन्दना से हुआ। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं साहित्यकार रुद्र नाथ चौबे रुद्र ने ‘हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर ध्वज अपना फहराना है, स्वतंत्रता के समारोह पर अमृत पर्व मनाना है’ सुनाकर पूरे कार्यक्रम में जोश भर दिया। वरिष्ठ साहित्यकार लालबहादुर चौरसिया लाल ने ‘तुम्हीं धरा के ज्योति पुंज हो, हम सबका अभिमान हो, तुम्हें नमन है अमर शहीदों, तुम भारत की शान हो’ सुनाकर वीर सपूतों को याद किया। युवा गीतकार राकेश पांडेय सागर ने ‘वीर शहीदों ने दिया, कर खुद को बलिदान, आज दिवस पावन वही करता कोटि प्रणाम’ सुनाकर शहीदों को याद किया। राजकुमार आशीर्वाद ने ‘सावन सुहाने फिर आ गए हैं, जिया को जलाने फिर आ गए हैं’ सुनाकर समां बांधा। वरिष्ठ कवि देवेंद्र त्रिपाठी देव ने ‘सात स्वर्ग से बढ़कर है ये भारत देश हमारा’ सुनाकर समां बांधा। युवा शायर संदीप गांधी नेहाल ने अपनी शायरी से सबको गदगद कर दिया। शायर आदित्य आजमी ने ‘शामो शहर शुरू होता है, आठो पहर शुरू होता है, ये आजमगढ़ की धरती है दोस्तों, यहीं से काव्य का सफर शुरू होता है’ सुनाकर महफ़िल लूटी। युवा कवि घनश्याम ने ‘वतन पर मरने वाले तुम, बहुत ही याद आते हो’ से सपूतों को याद किया। वरिष्ठ शायर डा. मुस्ताक अहमद ने ‘ये लहराता तिरंगा भारती की शान बढ़ जाए, लहू मानिंद शामिल रग में हिंदुस्तान है लोगों, सुनाकर देश भक्ति के जज्बे को जगाया। नवांकुर ओज के कवि राकेश यादव ने ‘एक बात सुन लो धरती से आसमां, हमसे हिंदुस्तान है और हम हिंदुस्तान से’ सुनाकर मन मोह लिया। कवि सम्मेलन में अजय पांडेय, रत्नेश राय,जयहिंद सिंह हिंद, राकेश चौरसिया, अजय गुप्ता, राजेश अस्थाना, आशीष अस्थाना आदि कवियों ने अपनी रचना सुनाकर समां बांधा।