आजमगढ़। जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का प्रयास जारी है, लेकिन पांच ब्लॉकों में बोरिंग के दौरान नमकीन पानी (सेलाइन वाटर) मिलने से विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। पल्हना, तरवां, मार्टीनगंज, लालगंज और ठेकमा ब्लॉक के कुछ इलाकों में थर्ड स्टेज (गहरी बोरिंग) पर यह समस्या सामने आई है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि जिले में फ्लोराइड और आर्सेनिक युक्त पानी की समस्या नहीं है। जल जीवन मिशन के तहत गहरी बोरिंग कर पाइपलाइन के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन नमकीन और भारी पानी मिलने के कारण विभाग को एक बोरिंग के लिए दो से तीन लोकेशन बदलने पड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या स्थानीय स्तर पर सीमित है और आमतौर पर हैंडपंप या सबमर्सिबल में नहीं देखी जा रही है, क्योंकि इनकी बोरिंग की गहराई 120 से 130 फुट तक ही होती है। इसके कारण इनमें नमकीन पानी नहीं आ रहा है। लेकिन उससे नीचे जाने पर यह समस्या आ रही है।
जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने बताया कि गहरी बोरिंग में नमकीन पानी की समस्या का समाधान निकालने के लिए वैकल्पिक स्थानों पर बोरिंग की जा रही है। यह दिक्कत केवल कुछ खास क्षेत्रों तक सीमित है। इससे व्यापक स्तर पर योजना प्रभावित नहीं होगी। विभाग का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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गहरे जलस्तर से पानी की निकालने की योजना पर असर
हालांकि यह समस्या इंडिया मार्का हैंडपंप और सबमर्सिबल के पानी में नहीं है, क्याेंकि इनकी बोरिंग 120 फीट तक होती है। लेकिन 125 से नीचे जाने पर यह समस्या आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि जल जीवन मिशन का लाभ सभी तक पहुंच सके।
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यह समस्या 125 फीट से नीचे जाने पर हो रही है। इन जगहों पर सेलाइन वाटर मिला है। इसकी पुष्टि प्राइमरी जांच में हुई है। हमने वहां से हटाकर दूसरी जगह बोरिंग की। यह समस्या सभी पांच ब्लॉकों के 10 से 12 गांवों में आई है।
सत्येंद्र कुमार, सहायक अभियंता जल निगम, ग्रामीण।