जिले के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में अब सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों का चरणबद्ध तरीके से स्कूल सुरक्षा ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन कराया जाएगा।
ऑडिट में विद्यालय भवन की मजबूती से लेकर आग और विद्युत सुरक्षा, आपदा से निपटने की तैयारी, पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाओं तक की जांच होगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि परियोजना के तहत विद्यालयों का सुरक्षा ऑडिट कराने के लिए कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा। प्रत्येक चयनित विद्यालय में तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल पहुंचेगा।
इसमें सिविल एवं स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ, फायर एवं इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विशेषज्ञ तथा डिजास्टर मैनेजमेंट/फील्ड ऑडिटर शामिल होंगे। टीम समर्पित मोबाइल एप के माध्यम से विद्यालय की सुरक्षा से संबंधित जानकारी दर्ज करेगी।
ऑडिट के दौरान विद्यालय भवन की संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, आपदा जोखिम और आपातकालीन तैयारियों का आकलन किया जाएगा। इसके साथ विद्यालय सुरक्षा प्रबंधन, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था तथा दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाओं की भी जांच होगी।
बीएसए ने बताया कि मूल्यांकन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की गाइडलाइन के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा। निरीक्षण के बाद प्रत्येक विद्यालय की सुरक्षा स्थिति और सामने आई कमियों का विश्लेषण होगा।
इसके आधार पर राज्य स्तरीय विशेषज्ञ सुधारात्मक सुझाव देंगे। इससे विद्यालयों में मौजूद सुरक्षा खामियों को दूर कर उन्हें अधिक सुरक्षित और आपदा प्रतिरोधी बनाने में मदद मिलेगी।