नोटबंदी के 27वें दिन भी बैंकों पर कैश के लिए लोगों का हंगामा जारी रहा। रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार को बैंक खुले तो ज्यादातर बैंकों में कैश नहीं था। सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को जब इस बात का पता चला कि आज कैश नहीं मिलेगा तो आक्रोशित लोग जगह-जगह सड़कों पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर चक्काजाम समाप्त कराया।
लाटघाट संवाददाता के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के बेलकुंडा स्थित स्टेट बैंका आफ इंडिया की शाखा पर लोग भोर से पैसे मिलने की आशा में लाइन लगाकर खड़े थे। बैंक खुलने पर जब उन्हें पता चला कि आज कैश नहीं मिलेगा क्योंकि बैंक में पैसा ही नहीं है। इस बात को सुनते ही लोगों ने रौनापार-लाटघाट मार्ग पर जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम को समाप्त कराया। सुबह साढ़े 10 बजे लगा जाम 11 बजे समाप्त हुआ। वहीं चांदपट्टी स्थित यूबीआई शाखा में भी सोमवार को कैश नहीं होने के कारण लाइन लगाकर खड़े लोगों ने आजमगढ़-रौनापार मार्ग पर जाम कर दिया।
पुलिस से लोगों की झड़प भी हो गई। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष रौनापार सुरेश चंद ने जाम को समाप्त कराया। सुबह साढ़े 10 बजे लगा जाम दोपहर 12 बजे समाप्त हुआ। अंबारी संवाददाता के अनुसार यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा खरसहन, दीदारगंज पर सुबह सात बजे से ही लोग लाइन लगाकर खड़े थे। सुबह साढ़े 10 बजे जब शाखा खुली और बैंक प्रबंधक ने कहा कि गुरुवार तक कैश नहीं मिल पाएगा। लोगों ने दीदारगंज-अंबारी मार्ग पर चक्काजाम कर हंगामा शुुुरू कर दिया। थानाध्यक्ष दीदारगंज लोगों को हटाने का प्रयास किया।
लोग नहीं माने। तहसीलदार मार्टीनगंज शिवसागर दुबे पहुंचे। उन्होंने दोपहर 12 बजे जाम को समाप्त कराया। अतरौलिया संवाददाता के अनुसार बाजार में स्थित स्टेट बैंक की शाखा से लोगों को चार दिन से कैश नहीं मिला है। जबकि पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक द्वारा प्रतिदिन ग्राहकों में कैश बांटा जा रहा है। इस संबंध मेें यूनियन बैंक शाखा के मैनेजर अधीर कुमार चौधरी ने बताया की कैश की कमी के कारण हम प्रतिदिन आठ सौ से एक हजार ग्राहकों को दो दो हजार रुपया दे रहे हैं। शादी विवाह और विशेष मजबूरी वाले लोगों को दस से 20 हजार तक रुपया कैश दे रहे हैं। जल्द ही स्थिति सामान्य होने पर ग्राहक जितना कैश चाहेंगे उतना दिया जाएगा।