राजमार्ग से शहर की सड़कों तक गड्ढे
सपा शासन काल में अनेक सड़कों के निर्माण का कार्य किया गया लेकिन मानक की अनदेखी के कारण कुछ ही दिनों में सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए। पीडब्ल्यूडी सड़कों के गड्ढ़े भरने में होने वाले खर्च का स्टीमेट बनाने में जुटा हुआ है। यह स्टीमेट 18 अप्रैल तक शासन को भेजा जाना है।
अगर नगर क्षेत्र में सड़कों की स्थिति पर गौर करें तो अग्रसेन चौराहे से गांधी प्रतिमा तक बनी लगभग तीन मीटर सड़क बनने के छह माह के अंदर ही गड्ढों में तब्दील हो गई। इस मार्ग को नगरपालिका द्वारा बनवाया गया था। वहीं कालीचौरा, कालीनगंज होते हुए हर्रा की चुंगी वाले लगगभ दो किमी मार्ग का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया था। यह सड़क भी बनने के छह माह के अंदर ही कालीनगंज और कालीचौरा के बीच गड्ढ़ों में तब्दील हो गई। वहीं, सिधारी नए पुल से उतर कर कलेक्ट्रेट होते हुए सिधारी थाने के पास निकलने वाले लगभग चार सौ मीटर मार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं है। यह मार्ग जगह-जगह गड्ढ़ों में तब्दील है।
पुरानी कोतवाली से तकिया मार्ग सिर्फ गड्ढे को भरा जाता है। बिलरिया की चुंगी से हर्रा की जाने वाला मार्ग जिसकी लंगभग 150 मीटर है कई वर्षों से खराब है। वहीं बिलरिया की चुंगी से हरिऔध जाने वाले मार्ग की लंबाई लगभग तीन सौ मीटर होगी। यह मार्ग कई वर्षों से गड्ढ़ों में तब्दील है। अतरौलिया संवाददाता के अनुसार आजमगढ़-फैजाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के केसरी सिंह तिराहे पर मुख्य सड़क के बीचोबीच पाइप लीक होने से गड्ढ़ा बन गया है। पल्हना संवाददाता के अनुसार लालगंज से पकड़ी डुभांव स्थित बराह मंदिर जाने वाली सड़क की लंबाई लगभग 10 किमी है। पांच साल पूर्व ही सड़क की गिट्टियां उखड़ गई। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।