आजमगढ़। जनपद में विगत कई दिनों से कुछ देर के लिए ही बारिश जरूर हो रही है। इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। वहीं जगह-जगह जल-जमाव होने से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। वहीं कई कालोनियों में लोगों का आवागमन दूूूभर हो गया है।
नगर के हर्रा की चुंगी से हाफिजपुर चौराहे तक पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क का चौड़ीकरण कई वर्ष पूर्व किया और डिवाइडर बनाया गया। लगभग ढाई किमी लंबे इस मार्ग को बनाने के दौरान पीडब्ल्यूडी ने सड़क से पानी के निकास की कोई व्यवस्था नहीं की। जिसका परिणाम है कि जिला अस्पताल से लेकर हाफिजपुर चौराहे तक कई जगहों पर आधी सड़क तक पानी फैला हुआ है। जिससे लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड पांच के अधिशासी अभियंता विजय सिंह ने कहा कि सड़क के चौड़ीकरण का कार्य हमें कराना था जो कर दिया गया। लेकिन नाला निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव नहीं था। जिसके कारण नाला नहीं बनाया गया। अगर रोड पर पानी लग रहा है तो उसे निकाला जाएगा।
गांधीनगर में जाना है तो पानी में घुसना है
आजमगढ़। नगर के लक्षिरामपुर हड्डी अस्पताल के समीप स्थित गांधी नगर कालोनी के लोगों को बरसात के बाद जलालत झेलनी पड़ रही है। बारिश के बाद पानी का निकास न होने के कारण मुख्य रास्ते पर ही पानी लग गया है। बिना गंदे पानी में घुसे कोई कालोनी में प्रवेश नहीं कर सकता है। कालोनी निवासी मो. फराज और नौशाद ने बताया कि हम लोग काफी दिनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क के किनारे नाला बना तो उम्मीद बंधी की पानी का निकास हो जाएगा। लेकिन नाला जाम होने से जलालत झेलनी पड़ रही है।
खुद मिट्टी पाट बनाया आवागमन का मार्ग
आजमगढ़। नगर पालिका से सटे प्रह्लाद नगर कालोनी काफी नीचे बसी हुई है। इस कालोनी के लोग हर बारिश में हफ्तों घरों में कैद होने के लिए विवश हो जाते हैं। क्योंकि पानी के निकास का कोई साधन नहीं है। यह कालोनी ग्राम पंचायत में आती है। जिसके कारण नगरपालिका भी इसमें कोई काम नहीं कराती है। जिसका परिणाम है कि लोग खुद रास्तों पर मिट्टी पाटकर आवागमन का रास्ता बना रहे हैं। इसके बाद भी इस कालोनी के कुछ क्षेत्रों के लोग अब भी घरों में कैद होने को विवश है। कालोनी के अंकुर व विजय वर्मा ने बताया कि घर से पानी निकालना मुश्किल हो जाता है। घर तक जाने के लिए रास्ता भी नहीं बचता। जिसके पास व्यवस्था है उसने अपने घर तक रास्ते को ऊंचा कर आवागमन योग्य बना लिया है लेकिन जिसके पास व्यवस्था नहीं है वह पानी के बीच रहने को विवश है।