फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के उफरी गांव में ब्याही युवती की मांग महज 22 दिन में ही सूनी हो गई। सात फेरे के 22 दिन बाद ही सड़क दुर्घटना में पति की मौत हो गई। जीवन साथी के पास आने की आस लेकर मायके गई विवाहिता अभी घरवालों से हालचाल भी नहीं कर पाई कि ससुराल से पति की मौत की खबर आ गई। पति की मौत की खबर सुनकर बिलखते हुए वह बेसुध हो गई। वहीं परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के उफरी गांव निवासी मनोज यादव की शादी 22 अप्रैल को अड़िका गांव निवासी दयाराम की पुत्री अंतिमा से हुई थी। मनोज परिवार के जीवनयापन के लिए मुंबई में रहकर काम करता था। वह अपनी शादी में ही घर आया था। शुक्रवार को उसकी पत्नी के मायके वाले आए थे और अंतिमा को विदा कराकर ले गए थे।
विदाई के बाद मनोज अपने दोस्त अजय के साथ बाजार जा रहा था कि सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। अभी पत्नी अंतिमा घर पहुंचकर अपने घरवालों का हालचाल ले रही थी कि ससुराल से फोन आया कि पति मनोज की मौत हो गई है। यह खबर मिलते ही वह हतप्रभ रह गई और पति को पुकारते हुए बिलखने लगी। वहीं परिवार में कोहराम मच गया। मनोज दो भाइयों में सबसे बड़ा था। घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी।
फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के उफरी गांव निवासी अजय यादव अपने चाचा के पुत्र संजू की शादी में आया था। सात मई को शादी के बाद शुक्रवार को लोग चौथ लेकर आने वाले थे। इसी की तैयारी में अजय व मनोज जुटे हुए थे। वह कुछ सामग्री लेने के लिए शाहगंज बाजार जा रहे थे। तभी वह दुर्घटना के शिकार हो गए। चौथ आने की खुशी मातम में बदल गई। अजय अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला था। भाई दिव्यांग है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है।