लाटघाट। घाघरा नदी का जलस्तर दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में कटान की समस्या गंभीर हो गई है। नदी की तेज धारा खेतों को निगल रही है और अब आबादी की ओर बढ़ रही है।
नदी देवारा खास राजा के मजरा झगरहवा और सहबदिया गांव में कटान से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बदरहुआ नाले पर बुधवार को शाम चार बजे घाघरा नदी का जलस्तर 71.24 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को 15 सेमी बढ़कर 71.39 मीटर हो गया। यहां खतरा बिंदु 71.68 मीटर से 29 सेमी नीचे है। वहीं, डिघिया नाले पर जलस्तर 70.55 मीटर से 18 सेमी बढ़कर 70.73 मीटर हो गया, जो खतरा बिंदु 70.40 मीटर से 33 सेमी ऊपर है। बदरहुआ पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर, जबकि डिघिया पर न्यूनतम 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। नदी की लहरें उपजाऊ भूमि को तेजी से काट रही हैं और अब झगरहवा और सहबदिया गांवों की आबादी को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण अधिकारियों से कटान रोकने के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड शिवकुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर थोड़ा बढ़ रहा है, लेकिन इससे कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कटान की गति तेज होने से उनकी आजीविका और घर खतरे में हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कटानरोधी उपायों की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।