कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब ऊर्जा मंत्री शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित कर रहे थे। आखिरी में एनाउंसर ने बताया कि अब डीएम स्मृति चिह्न देकर मंत्री का स्वागत करेंगे। तभी मंच पर शहीद पल्टू यादव की पत्नी कौशिल्या देवी पहुंच गई। उन्हें प्रशासन ने बुलाया था। लेकिन, उनके लिए स्मृति चिह्न नहीं था। तब मंत्री ने खुद को मिलने वाला स्मृति चिह्न और शाल भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।