आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा में 70 वर्ष से कम सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक और शिक्षिकाओं को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी दी जा सकती है। बशर्ते उन्हें सहमति पत्र लिखकर देना होगा। विभाग ने 70 वर्ष तक की उम्र वाले रिटायर्ड शिक्षकों की जानकारी जिले से मांगी है, जिससे कक्ष निरीक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए उनकी ड्यूटी लगाई जा सके। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सेवानिवृत्त शिक्षकों से उनकी अनुमति मांगी जा रही है।
इस बार कोविड गाइड लाइन के तहत हर वर्ष से अधिक बोर्ड परीक्षा के केंद्र बनाने पड़े हैं। पिछले साल 285 केंद्रों पर बोर्ड की परीक्षा हुई थी। इस बार 290 केंद्र बनाए गए हैं। इसके साथ ही केंद्रों पर परीक्षा कक्ष की भी संख्या बढ़ा दी गई है। ताकि छात्रों को पर्याप्त दूूरी पर बैठा कर परीक्षा कराई जा सके। इस बार बोर्ड परीक्षा में 195896 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। उसमें हाईस्कूल में 104137 और इंटरमीडिएट में 91759 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। लगभग 64 शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई जानी है। इनमें ज्यादातर वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल के शिक्षकों की ही ड्यूटी लगाई जाती है। इनमें से शिक्षकों के अनुपस्थित होने की स्थिति में वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगानी पड़ती है। वहीं, अब राजकीय और एडेड स्कूलों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थायी परिचयपत्र भी बनाए जाएंगे, जिसमें उनका नाम, विषय, पीपीओ नंबर सहित पूरा ब्योरा दर्ज होगा। कार्ड पर उन शिक्षकों का पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) नंबर भी दर्ज किया जाएगा। कार्ड बनने के बाद यह भी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से लेकर कॉपियां जांचने का काम कर सकेंगे। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक और कंट्रोल रूम की व्यवस्था संभालने में भी लगाई जा सकती है।
00000000000000000000
बोर्ड परीक्षा के बने केंद्रों को आवश्यक कक्ष निरीक्षकों के बारे में जानकारी देते हुए मांग पत्र भेजने के लिए कहा गया है। उसके आधार पर कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी। सेवानिवृत्त शिक्षकों का ब्योरा विभाग में मौजूद है। इनकी ड्यूटी उनकी अनुमति के बाद ही लगाई जाएगी।
डा. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।