कलेक्ट्रेट के सभागार में बैठक को संबोधित करते डीएम एनपी सिंह।
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आजमगढ़। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत डीएम एनपी सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार देर शाम एसडीएम और बीडीओ की बैठक हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि गांव स्तर पर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूख ना रहे, उसको खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई जाए। सचिव देखें कि जब तक तहसील स्तर से जरूरतमंद लोगों को सुविधा नहीं मिलती है, तब तक संबंधित जरूरतमंद को राशन उपलब्ध हो।
कोई व्यक्ति यदि गांव में बाहर से आता है तो उसको होम क्वारंटीन करें। लेखपाल बाहर से आए व्यक्तियों की सूचना देंगे।आपदा प्रबंधन का मूल कार्य लेखपाल का है। वह मनरेगा का कार्य करना चाहता है तो जॉब कार्ड बनवाएं।श्रमिकों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और साफ-सफाई पर ध्यान दें। आपदा प्रबंधन में जो कर्मचारी लगे वह ग्रामवार बुकलेट तैयार कराएं। जिसमें सभी व्यक्तियों के विवरण के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों का विवरण हो। एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ लेखपालों के साथ सप्ताह में दो दिन बुधवार व शनिवार को बैठक करें। जिला पंचायत द्वारा ऐसे कार्य कराए जाएं जो ग्राम स्तर पर होना है। लाभार्थियों के खाते में पेंशन आई है कि नहीं, एक मई से खाद्यान्न वितरण प्रारंभ होना है, इसके लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेखपाल भी खाद्यान्न वितरण पर नजर रखेंगे। सीडीओ को निर्देश दिए कि जो ग्राम प्रधान मनरेगा के कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं या मनरेगा का कार्य नहीं कर रहे हैं ऐसे प्रधानों के 3 वर्ष के मनरेगा के कार्य की जांच कराएं। इस मौके पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, सीआरओ हरी शंकर, एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरुप्रसाद, डीडीओ रविशंकर राय, परियोजना निदेशक अभिमन्यु सिंह उपस्थित रहे।