आजमगढ़। राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों कार्मिकों के विरुद्घ की जा रही पदावनति की कार्रवाई को तत्काल रोके जाने की मांग को लेेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया। धरने के बाद मांगों का ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया।
धरने की अध्यक्षता करते हुए संरक्षक फौजदार राम ने कहा कि बिना किसी आधार के 1997 से पदावनत की प्रक्रिया गैर कानूनी है और एक विशेष वर्ग के खिलाफ है। इसे तत्काल रद्द किया जाए। अपर्याप्त प्रतिनिधित्व और पिछड़ेपन के मात्रात्मक आंकड़े इकठ्ठे कर शीर्ष पदों तक प्रोन्नतियों में आरक्षण लागू किया जाए। दलितों की जमीन हड़पने की साजिश बंद कर अनुसूूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जमीन विक्रय के कानून में कोई संशोधन न करके लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर 117 वां संशोधन बिल तत्काल पास कराया जाए। जिला महासचिव संजय कुमार ने कहा कि दलितों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बंद करने के साथ ही एक समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश को तत्काल लागू किया जाए। निजी क्षेत्र और संविदा भर्ती में भी आरक्षण लागू हो और दलित छात्रों के वजीफे और फीस प्रतिपूर्ति केे तत्काल बहाल हो। सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए। धरने के बाद सदस्यों ने मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इस मौके पर विनोद, लालबहादुर, फूलचंद, संजय, मनीष, अमरनाथ, रामरतन, विश्वजीत, राजकुमार, राजेश, सहदेव, सलटन बौद्घ, विक्रम आदि उपस्थित थे।