अहरौला के आलमपुर गांव में पीडीए के महापंचायत को संबोधित करते विधायक डॉ. संग्राम यादव। स्रोत-पार
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अहरौला। आलमपुर ग्रामसभा में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ. संग्राम यादव के नेतृत्व में पीडीए महापंचायत में चौहान समाज समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
विधायक डॉ. संग्राम यादव ने कहा कि आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से मिला संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज संविधान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संवैधानिक नियमों का पालन नहीं कर रही है। पांच साल बाद भी पंचायत चुनाव नहीं कराए जा सके। यदि समय से चुनाव हुए होते तो गांवों में नए प्रधान, प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने जा चुके होते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवैधानिक अधिकारों का अपमान कर रही है। कहा कि उनके नेता अखिलेश यादव लगातार पिछड़े और शोषित समाज की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पीडीए समाज की एकजुटता आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव लाएगी।
उन्होंने लोगों से पीडीए के साथ जुड़कर एकजुट रहने का आह्वान किया। विधायक ने रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। कहा कि प्रदेश में युवाओं को पर्याप्त नौकरियां नहीं मिल रही हैं और शिक्षकों समेत विभिन्न विभागों में पद रिक्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास और रोजगार के बजाय जाति-धर्म के मुद्दों पर लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। इस दौरान प्रमुख शकील अहमद, महेंद्र चौहान, गरीब यादव, कृष्णदेव चौहान, प्रभुदीन यादव, रामपलट गुप्ता, राजेश चौहान, हरिकेश यादव, संतोष यादव डाल्टन, प्रधान फूलमती देवी, मनीषा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता कैलाश चौहान ने और संचालन जेपी यादव फौजी ने किया।