आजमगढ़। भू-माफियाओं की ओर से विभागीय कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर 30 साल से लापता व्यक्ति के जमीन के नाम पर मुआवजे के 95 लाख रुपये हड़पने के मामले में विभाग की ओर से एक को नामजद करते हुए नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस की माने तो मामले में प्रधान, राजस्व विभाग और तहसील के कर्मचारियों का भी फंसना तय है। इसी प्रकरण में भाजपा नेता की ओर से कमिश्नर से कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका को लेकर भी शिकायत की गई है।
बताते चलें कि बूढ़नपुर तहसील के भीलमपुर छपरा निवासी सुग्रीव राम पुत्र धनई 30 साल से लापता है। उसके हिस्से की कुछ जमीन थी जो आजमगढ़-लखनऊ हाईवे में आई थी। भू-माफियाओं ने राजस्व और तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी सुग्रीव नाम के आदमी को खड़ा कर दिया।
उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाकर एक प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाया गया। जिस दिन विभाग की ओर से मुआवजे की धनराशि 95 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर हुई उसी दिन खाते से 18 लाख कैश निकाल लिए गए, 40 लाख के सोने की खरीदारी की और शेष रुपया दूसरे खातों में किया ट्रांसफर कर दिया।
विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के बाबू योगेंद्र सिंह की ओर से फर्जी सुग्रीव राम को नामजद करते हुए मामले की तहरीर दी गई थी। गुरुवार को नगर कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इस संबंध में एसपी अजय साहनी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें प्रधान, लेखपाल, सेक्रेटरी, तहसील, बैंक और विभागीय कर्मचारियों का फंसना तय है। फर्जी पैनकार्ड और आधार बनाने वालों की की भी पहचान की जाएगी।
कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप
आजमगढ़। भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा ने गुरुवार को कमिश्नर से मिलकर शिकायत की कि विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की ओर से हाईवे में आई जमीनों के मुआवजे के नाम पर काफी समय से खेल किया जा रहा है।
इससे पहले विभाग के एक कर्मचारी पर पूर्व जिलाधिकारी की ओर से जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन राजनीतिक दवाब में उसे फिर से इसी कार्य में शामिल कर लिया गया। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। कमिश्नर ने जांच के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं।