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राहत लेकर आया प्री मानसून

Fri, 08 Jun 2018 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ़
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शहरी क्षेत्र में हुई बारिश। - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। विगत कई दिनों से लोगों को उमस और गर्मी से परेशान करने के बाद  शुक्रवार को आखिर ऊपर वाले को लोगों को रहम आया। शाम को हुई गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत पहुंचाई। इस बारिश के साथ ही प्री मानसून ने जनपद में प्रवेश किया। 
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भीषण गर्मी और उमस ने कई दिनों से लोगों को बेहाल कर रखा था। न दिन को चैन मिल रहा था और ना ही रात को सुकून। हर कोई प्रार्थना कर रहा था हे प्रभु अब रहम करो। शुक्रवार को आखिर ऊपरवाले ने लोगों की फरियाद सुन ली। दोपहर बाद से आसमान में काले बादल छाने लगे थे। शाम के चार बजते-बजते पूरे आसमान काले बादलों से घिर गया। गरज-चमक के बीच शाम लगभग साढ़े बजे से बारिश शुरू हो गई।

कभी तेज तो कभी धीमी। इस बारिश ने आम जनमानस के साथ ही किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। क्योंकि किसानों ने धान की नर्सरी डाल रखी थी। गर्मी के कारण उन्हें प्रतिदिन पानी चलाना पड़ रहा था। लेकिन इस बारिश के बाद अब उन्हें प्रतिदिन पानी नहीं चलाना होगा। वहीं धान की रोपाई के लिए किसान अपने खेतों की जुताई भी करा सकेंगे। मानसून से पहले प्री मानसून ने सभी को फायदा पहुंचाया है।
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आम जनमानस को गर्मी से राहत पहुंचाई तो किसानों की फसल को फायदा पहुंचाया। वहीं इस बारिश ने नगरपालिका के दावों की भी पोल खोल दी। सड़कों के किनारे जगह-जगह लोगों को जल-जमाव की समस्या से दो चार होना पड़ा। नगर के गांधी तिराहे और एसकेपी इंटर कालेज के सामने होने वाले जल-जमाव की समस्या से निजात के लिए नगरपालिका टेंडर करा चुकी है लेकिन अभी तक कहीं भी कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने पश्चिम बंगाल से आदमियों को बुलाकर नालों की सफाई का कार्य कराने का निर्देश दिया था लेकिन यह कार्य भी अभी शुरू नहीं हो सका है।

जिले में प्री मानसून की दस्तक हो चुकी है। यह मौसम किसानों के लिए बहुत उपयुक्त है। क्योंकि उन्हें धान की रोपाई करनी है। खेत में नमी होने के बाद किसान अपने खेतों की जुताई करा सकते हैं। इस जुताई के बाद खेतों में खरपतवार कम हो जाएंगे और उन्हें धान की रोपाई में सुविधा होगी।  
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डा. रणधीर नायक, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा। 
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