आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने कहा कि कि विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं वृद्धावस्था, किसान, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, निराश्रित महिला आदि की पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के बैंक खातों से एक साल के अन्दर धनराशि की निकासी की स्थिति की जांच अधिकारी वश्य करें। ताकि धनराशि की उपयोगिता स्पष्ट हो सके। मण्डलायुक्त बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय के सभागार में सोशल सेक्टर से सम्बन्धित समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन की समीक्षा में मऊ में अपात्रों की संख्या नगण्य पाये जाने पर असन्तोष जताया। उप निदेशक समाज कल्याण को निर्देशित किया कि तीनों जनपदों में नियमानुसार सत्यापन कराए। भ्रमण के दौरान पर्याप्त संख्या में ऐसे लाभार्थी पाये जाते हैं जो वास्तविक रूप से किसी न किसी पेंशन योजना के हकदार हैं, लेकिन उन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही है। अधिकारी गांवों का भी भ्रमण करें तथा लाभार्थियों को चयनित कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित कराएं। अपात्रों को लाभार्थीपरक योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। नियमित रूप से लाभार्थियों का सत्यापन कराते रहें। समीक्षा में जनपद बलिया में आबादी के हिसाब से कम लाभार्थी पाए जाने पर भी असन्तोष व्यक्त किया। कहा कि मण्डल के जनपदों के विकलांगजनों की जानकारी करें। कन्या सुमंगला योजना में आनलाइन आवेदन के सापेक्ष कम स्वीकृत होने की स्थिति पर भी उन्होंने असहमति व्यक्त की। बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान तीनों जनपद के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि वर्तमान में कोविड-19 की समस्या को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं के माध्यम से घर घर पुष्टाहार का वितरण कराएं। लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) एपी वर्मा, एडी बेसिक राजेश आर्य, उप निदेशक महिला कल्याण ओंकारनाथ यादव, उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चन्द, उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उप निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण, उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण सहित तीनों जनपद के डीआईओएस, बीएसए, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।