आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र में गोवंश चोरी और अवैध गोवध की घटना का पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए बुधवार की रात दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से दिन में पशुओं की रेकी करते और रात में चोरी कर सुनसान स्थान पर संरक्षित पशुओं का वध करते थे। मांस को 400-500 रुपये प्रति किलो की दर से बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। पहचान छिपाने के लिए चोरी की मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे और लगातार ठिकाना बदलते रहते थे।
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि 21 मार्च को बम्हौर निवासी उषा देवी ने थाना मुबारकपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 20 व 21 मार्च की रात अज्ञात व्यक्तियों ने उनके आम के बाग से संरक्षित पशु चोरी कर उसका वध कर दिया और मांस वहीं फेंक दिया। इस गंभीर घटना की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन के आधार पर इमरान (28 वर्ष) और कासिद (21 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम बम्हौर, का नाम प्रकाश में आया। बुधवार की रात प्रभारी निरीक्षक शशि मौलि पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित आरोपी मोटरसाइकिल से समोधी की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने गजहड़ा स्थित बावन बीघा मैदान के पास घेराबंदी की।
कुछ ही देर में संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा करने पर उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। समर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसमें दोनों आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने मौके से दो अवैध तमंचे, दो कारतूस, दो खोखा और एक फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद वाहन को एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं।-आस्था जायसवाल, सीओ सदर।