आजमगढ़। भाजपा के बिलरियागंज मंडल प्रभारी और जिला कार्य समिति सदस्य रामनेवास सिंह ने डीएम पत्र देकर बिना निविदा प्रकाशित कराए ही नहरों की सफाई में टुकड़ों में कराए जाने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान शारदा सहायक खंड- 32 और 23 के एक्सईएन से सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। लेकिन उनके द्वारा सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में कई जगहों पर अनियमितता प्रकाश में आने के बाद दोनों एक्सईएन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन से की जा रही है।
सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विभागीय सहायक अभियंता खंड-32 के संजय सिंह यादव द्वारा अपने चहेते लोगों को निर्धारित सरकारी रेट 55 रुपये के स्थान 25 से 30 रुपये की निविदा डलवाकर पुन: 55 रुपये में बांड बनवाए गए। मठिया से गोपालगंज तक पांच किमी तक कराए जा रहे कार्य में पोकलैंड के स्थान पर जेसीबी से कार्य कराए गए। इसी तरह से उनके द्वारा अन्य आरोप लगाए गए। जिसके क्रम में 25 नवंबर में सीडीओ द्वारा दोहरीघाट लिंक कैनाल 59 किमी पर महुला बाढ़ चौकी से पहले निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड 23 और 32 अपने विभागीय सहायक अभियंता के साथ मौके पर उपस्थित रहे। पूछताछ में विभागीय मद से गोपालगंज बाजार के निकट अहरौला-कप्तानगंज रोड के निकट पांच किमी से 10 किमी तक कुल पांच किमी भाग पर स्क्रैपिंग लागत तीन लाख ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराया जाना बताया गया। सीडीओ ने बताया कि इस मामले में जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर सिल्ट सफाई, स्क्रैपिंग आदि कार्यों का भौतिक सत्यापन अभिलेखीय परीक्षण करते हुए करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए दोनों अधिशासी अभियंताओं से वर्क आर्डर से कराए जाने वाले प्रत्येक कार्यों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिसे अभी तक उनके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। जांच कार्रवाई के लिए ई-टेंडरिंग व कार्यों से संबंधित अभिलेख व सूची उपलब्ध न कराए जाने के लिए अधिशासी अभियंता शारदा सहायक खंड 32 व 23 के विरुद्घ शासन स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की जा रही है।