निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश नहीं लेने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता वापस ली जाएगी। यह चेतावनी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से सभी स्कूलों को पत्र जारी कर दी गई है। साथ ही प्रवेश न लेने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत दुर्बल वर्ग के बच्चों का मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश आनलाइन/आफलाइन प्रक्रिया से किया जाता है। पिछले दिनों निदेशालय के संज्ञान में लाया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में चयनित विद्यार्थियों का कई स्कूलों ने प्रवेश नहीं लिया। कुछ स्कूलों में चयनित बच्चों के अभिभावकों से अनावश्यक अभिलेख मांगे गए। उनका अपने स्तर से सत्यापन भी कराया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों से समय समय पर वसूली करने व रशीद न देने के मामले भी आए। कुछ स्कूलों में बच्चों के नाम भी काट दिए गए। ये सभी गतिविधियां निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन हैं। बीएसए ने कहा कि विद्यालय चाहे आईसीएसई के हों या सीबीएसई के, कक्षा एक से आठ तक मान्यता व एनओसी बेसिक शिक्षा विभाग ही देगा। इसके बिना हायर सेकेंडरी स्तर की मान्यता नहीं प्राप्त हो सकती। यदि विद्यालय संचालक प्रवेश लेने मे आनाकानी करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।