आजमगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में कुल 55 अपात्रों को आवास का आवंटन कर दिया गया था। इस मामले में अब सभी अपात्रों को नोटिस जारी कर दी गई है। इसके साथ ही उस समय तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के रिकार्ड भी कार्रवाई के लिए खंगाले जा रहे हैं।
हर सिर पर छत का सपना लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अपात्र भी इस योजना का लाभ ले लिए। जिसका परिणाम हुआ कि बहुत से पात्र लोग आज भी दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं। अधिकारियों के यहां पहुंचकर आवास के लिए गुहार लगाते हैं। जब इसकी जांच हुई तो वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में कुल 55 लोग ऐसे पाए गए जो अपात्र थे। परियोजना निदेशक की ओर से सभी अपात्रों को आरसी जारी कर दी गई है। अब उन लोगों की तलाश की जा रही है। इसके लिए उक्त वर्षों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के नामों की तलाश की जा रही है। ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। परियोजना निदेशक अभिमन्यु कुमार सिंह ने बताया कि जांच में जिन 55 अपात्रों का नाम सामने आया था सभी को आरसी जारी कर दी गई है। अब उस समय तैनात रहे अधिकारी और कर्मचारी के नाम खोजे जा रही हैं। ताकि उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।