शहर कोतवाली क्षेत्र से लापता किशोरी के साथ दुष्कर्म कर आरोपियों द्वारा ही उसे कोतवाली पर छोड़ने का पिता ने आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने मंगलवार की रात उसके लावारिस हाल में घूमते हुए मिलने की बात कही है। बुधवार को किशोरी को महिला अस्पताल भेज कर मेडिकल मुआयना कराया गया है।
किशोरी के पिता ने बताया कि 31 मार्च को उनकी बेटी पड़ोसी के घर गई थी जहां से वह लापता हो गई। खोजबीन के दौरान पता चला कि उन्हीं लोगों ने उसे बहला-फुसला कर भगाया है। इस पर उसने शहर कोतवाली में तहरीर दी पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत नहीं किया। एसपी से शिकायत करने पर तीन अप्रैल को मुकदमा पंजीकृत किया।
तहरीर में उसने गांव के दीपक पुत्र रामाश्रय सिंह, सोनू पुत्र रामाश्रय सिंह, सोनी पत्नी सोनू, सुनैना पत्नी रामजनम सिंह और रामजनम सिंह पुत्र झूरी सिंह को नामजद किया। पिता का आरोप है कि नामजद मुकदमे के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस बीच एक दिन उसकी पुत्री ने फोन भी किया, लेकिन किसी ने उससे मोबाइल छीन लिया।
मंगलवार को बेटी के के मिलने की सूचना पर वे कोतवाली पहुंचे तो उसे मिलने नहीं दिया। पिता का आरोप है कि नामजद आरोपियों में से दीपक ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इतना ही नहीं इन्हीं नामजद आरोपियों ने ही उसे कोतवाली पुलिस के हवाले भी किया है।
शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि हाफिजपुर चौराहे के पास किशोरी लावारिस हाल में घूमते मिली थी। उसने बताने पर परिजनों को सूचना दी गई। किशोरी नाबालिग है। परिजनों ने दुष्कर्म की आशंका व्यक्त किया, जिस पर उसका मेडिकल मुआयना कर लिया गया है। अब किशोरी का बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।