आजमगढ़। राजेश सिंह हत्याकांड में 23 साल बाद फैसला आया है। अदालत ने तीन दोषियों कमलेश, इंद्रासन और दिनेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 82-82 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने सोमवार को सुनाया। जुर्माने की आधी राशि वादी मुकदमा को दिए जाने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, फरवरी 2002 में विधानसभा के चुनाव में हरिशंकर सिंह उर्फ झिनकू सिंह निवासी आराजी देवारा करखिया थाना रौनापार गोपालपुर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के प्रत्याशी थे। झिनकू सिंह 17 फरवरी 2002 को समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। उनका काफिला शाम चार बजे कुढ़ही ढाले के पास पहुंचा।
आरोप है कि उस दौरान पुरानी रंजिश में शिवदास यादव, दीनानाथ यादव, कमलेश यादव पुत्रगण सूरज यादव निवासी भीलमपुर, थाना महराजगंज, दिनेश सिंह निवासी बसंतपुर, महराजगंज, इंद्रासन निवासी देवारा कदीम, महराजगंज और अन्य 12 लोगों ने काफिले पर हथियारों और बमों से हमला कर दिया। इसमें हरिशंकर सिंह और विजेंद्र सिंह को बचाने में राजेश सिंह निवासी पिपरहा, बिलरियागंज को कई गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई। हरिशंकर सिंह, शंभू सिंह समेत कई लोग घायल हो गए थे। हरिशंकर सिंह ने महाराजगंज थाने में शिवदास यादव समेत नौ लोगों के विरुद्ध नामजद तथा चार-पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अजय, कमलेश, इंद्रासन और दीनानाथ के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया। शिवदास यादव और दिनेश सिंह के विरुद्ध फरारी में चार्जशीट भेजी गई। मुकदमा चलने के दौरान शिवदास यादव गोरखपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। विचारण के समय आरोपी अजय तथा दीनानाथ की भी मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता और सहायक शासकीय अधिवक्ता ने कुल 12 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। अदालत ने कमलेश, इंद्रासन तथा दिनेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 82-82 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
दिनेश को सीपू हत्याकांड में भी हुई है उम्रकैद की सजा
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस मुकदमे का दोषी दिनेश सिंह इस समय बरेली जेल में बंद है। उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। दिनेश इससे पहले पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड में भी आजीवन कारावास की सजा पा चुका है।