आखिरकार काफी इंतजार के बाद बुधवार को मानसून की पहली बारिश हुई। सुबह पांच से दोपहर 11 बजे तक लगातार बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली। उधर अच्छी बारिश के बाद धान की नर्सरी डालने में किसान जुट गए हैं। छाता, तिरपाल की दूकानों पर अधिक खरीदार दिखे।
पिछले दिनों थोड़ी बारिश के बाद तेज धूप से मौसम उमस भरा हो गया था। रात में तो कुछ राहत मिलती थी लेकिन दिन में तेज धूप की वजह से बाहर तो बाहर घर के भीतर भी उमस से लोग परेशान थे। मंगलवार को हवा भी शांत थी इससे लोग बारिश का कयास लगा रहे थे। हुआ भी वहीं, बुधवार भोर से ही बारिश शुरू हुई तो दोपहर के 11 बजे ही रुकी। इसके बाद सड़क, गलियां, खेत जलमग्न हो गए। बारिश कभी तेज तो कभी धीमी रफ्तार में होती रही।
इस दौरान स्कूल जाने वाले बच्चों और आफिस जाने वालों को परेशानी हुई। बारिश के बाद किसान धान की रोपाई करने के लिए नर्सरी डालने में जुट गए। कृषि विशेषज्ञों की माने तो यह मौसम बासमती धान की नर्सरी डालने के लिए सबसे उपयुक्त है। इसके अलावा पशुओं का चारा अब बोया जा सकता है।