अहरौला। नसीरूद्दीनपुर गांव निवासी कैंसर पीड़ित राहुल पांडेय ने मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कैंसर को मात देते हुए मुंबई में आयोजित 42 किलोमीटर फुल मैराथन जीतकर नया इतिहास रच दिया है। बीते 18 जनवरी को टाटा ग्रुप की ओर से आयोजित मुंबई मैराथन में राहुल पांडेय ने अपनी आयु वर्ग की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
टाटा ग्रुप हर वर्ष कैंसर पीड़ितों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से मुंबई में मैराथन का आयोजन करता है। इस वर्ष आयोजित मैराथन में देशभर से 69 हजार धावकों ने भाग लिया, जिनमें 11 हजार कैंसर पीड़ित व इलाज करा रहे प्रतिभागी शामिल थे। इस ऐतिहासिक मैराथन में भाग लेते हुए राहुल पाण्डेय ने 42 किलोमीटर की दौड़ छह घंटे 19 मिनट में पूरी की और अपनी श्रेणी में 1100 से अधिक धावकों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।
राहुल पाण्डेय ने बताया कि यह उनके जीवन की पहली फुल मैराथन थी। उनका मुख्य उद्देश्य दौड़ को पूरा करना था, लेकिन ईश्वर की कृपा और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने जीत भी दर्ज की।
बताते चलें कि वर्ष 2008 में राहुल पाण्डेय को कैंसर होने की पुष्टि हुई थी। परिवार ने कई बड़े अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन चिकित्सकों ने जवाब दे दिया था। इसके बाद वर्ष 2009 में टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल, मुंबई में इलाज शुरू हुआ। लगभग चार वर्षों के संघर्ष के बाद राहुल पूरी तरह स्वस्थ हो गए। वर्तमान में प्रत्येक छह माह पर उनका नियमित मेडिकल परीक्षण होता है।
स्वस्थ होने के बाद राहुल ने त्रिभुवन सेवक कैंसर ट्रस्ट की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे आजमगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में कैंसर पीड़ितों को मार्गदर्शन, सहयोग और सकारात्मक जीवन संदेश दे रहे हैं। राहुल ने बताया कि इस मैराथन में उनके ट्रस्ट की ओर से उनके अलावा सचिन सिंह, हौशिला ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन सभी लोगों के लिए संदेश है जो कैंसर से जूझ रहे हैं, कैंसर के बाद भी जीवन जिया जा सकता है, और सामान्य नहीं बल्कि उससे भी ऊंचा जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विश्व कैंसर दिवस पर एक फरवरी को आजमगढ़ में चौथी मैराथन का आयोजन त्रिभुवन सेवक कैंसर ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा। जिसमें देशभर से धावक भाग लेंगे।