ग्रामीणों ने जिला पूर्ति अधिकारी गौरी शंकर शुक्ल को बताया कि उनके गांव के कोटेदार द्वारा उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा है। पहले भी कोटेदार द्वारा ऐसा किया जाता था,
तब उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद जो थोड़ा बहुत राशन मिलता था वह भी मिलना बंद हो गया है। कोटेदार उनके गांव और जनपद का निवासी नहीं है।
वह मऊ जनपद का रहने वाला है और कस्बा सराय में अपनी मौसी के घर रहता है। उसने किसी तरह से अपना नाम यहां पर ग्राम सभा में दर्ज करा लिया और कोटे का आवंटन करा लिया।
अब उसके द्वारा मनमाने तरीके से राशन का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से कोटे की दूकान को निरस्त कर कोटेदार की जांच कर कार्रवाई की मांग की।