आजमगढ़। पिछले महीने हुई बेमौसम बारिश और आंधी से किसानों की गेहूं की फसल पर असर पड़ा है। लेकिन प्रभावित हुए गेहूं का भी अब सरकारी क्रय केेंद्रों पर खरीद होगी। दानों के मानक से ज्यादा टूटे और सिकुड़े होने पर दाम में कटौती होगी। सरकार के इस फैसले से वह किसान भी अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे जिन किसानों का गेहूं 18 प्रतिशत तक खराब है।
बेमौसम बारिश का जिले की सफलों पर भी असर पड़ा है। गेहूं के दानों की चमक के साथ ही उत्पादन में कमी आई है। बहुत से किसानों काट कर रखी फसल भीग गई थी। मड़ाई के बाद पता चल रहा कि दाने हल्के हो गए हैं। दानों मेंं कमी के कारण बहुत से किसानों में निराशा छाई थी कि अब उनका गेहूं क्रय केंद्रों पर फेल हो जाएगा। लेकिन प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने नियमों में ढील दी है। छह से 18 प्रतिशत तक कम गुणवक्ता वाले गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य 2125 रूपये प्रति क्विंटल से कम रेट पर खरीदे जाएंगे। इसी प्रकार गेहूं के दानों में 10 प्रतिशत से कम चमक होने पर कोई कटौती नहीं होगी। 10 से 80 प्रतिशत तक कम होने पर दाम में प्रति क्विंटल 5.31 रूपये की कटौती होगी। यही कटौती दानों की गुणवत्ता में हर दो फीसदी की कमी पर प्रति क्विंटल पर होगा।
जिन किसानों के गेहूं की गुणवकता में कमी होगी उनका जारी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम में गेहूं खरीदा जाएगा। सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है। किसान वहीं पर अपने गेहूं का विक्रय करें। - नरेंद्र कुमार मिश्र, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।