आजमगढ़। आरटीआई के तहत जनपद के प्रमोद कुमार तिवारी ने कुछ बिंदुओं पर जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत डीएम कार्यालय के जन सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी थी। अधिकारी ने प्रमोद कुमार तिवारी को गलत सूचना उपलब्ध कराई। इसे लेकर उन्होंने इसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग से कर दी। इस पर आयोग की ओर से डीएम कार्यालय के जनसूचना अधिकारी को 26 अप्रैल 2019 को नोटिस भी जारी किया गया। इसके बाद भी उन्होंने सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
इस पर आयोग ने डीएम कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को अपूर्ण और भ्रामक सूचनाएं देने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) के तहत 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड अधिरोपित किया। इसकी अधिकतम सीमा 25,000 निर्धारित की। साथ ही डीएम कार्यालय के जनसूचना अधिकारी को नोटिस जारी किया कि मूल आवेदन को दृष्टिगत रखते हुए संपूर्ण सूचनाएं 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराएं। साथ ही प्रकरण की अगली सुनवाई तिथि पर उप्र प्रदेश सूचना अधिकार नियमावली 2015 के नियम 9(2) के तहत आयोग के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर लिखित रूप से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि वादी को अपूर्ण सूचनाएं क्यों दी गई। अन्यथा की स्थिति में आयोग द्वारा अधिरोपित अर्थदंड की वसूली का आदेश पारित कर दिया जाएगा।