आवास के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जाते सदर तहसील मबखापुर के ग्रामीण।
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आजमगढ़। सदर तहसील के गांव ममरखापुर निवासी ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर आवास नहीं मिलने का आरोप लगाया। गांव निवासी चंपा देवी पत्नी श्यामलाल प्रजापति ने बताया कि दोनों विकलांग और लालकार्ड धारक हैं। इसके साथ ही गांव में बिंदु देवी पत्नी अशोक, द्रौपदी पत्नी सुखारी गोंड, पम्मी पत्नी परवन, सुनीता पत्नी बालाराम, किरण पत्नी पृथ्वीनाथ, सविता पत्नी हरेंद्र, सोनी पत्नी शेखर, निर्मला पत्नी अवधराज, नीलम पत्नी प्रमोद कन्नौजिया, उर्मिला पत्नी बच्चेलाल, खुशबू पत्नी अखिलेश, मेवाती पत्नी नन्हेलाल, आरती पत्नी छोटेलाल गरीब मजदूर हैं। इसमें से कुछ लालकार्ड धारक भी हैं। हमारे पास रहने के लिए टीनशेड और कच्चा मकान है, जो काफी जर्जर है। इसके बाद ही हम लोगों को आवास नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत चिन्हित किया गया था। पात्रता सूची बनाते समय ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान आदि की जांच के बाद सूची ब्लॉक पर भेजी गई थी। ब्लॉक से भी इसकी जांच कराई गई, लेकिन बाद में रिश्वत की मांग की जाने लगी। न देने पर हमारी पात्रता को निरस्त कर दिया गया। आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराकर के आवास दिलाने की मांग की। इस मौके पर बलिराम, बालाराम, बच्चे लाल, छोटेलाल, अखिलेश, श्यामलाल, नन्हे लाल, अशोक, रामवृक्ष, लक्ष्मीना, सुनीता, सविता, बिंदु, रामावती, खुशबू आदि लोग मौजूद रहे।