आजमगढ़। आने वाले चार से पांच दिनों में जिले में भी कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी। प्रतिदिन अधिकतम 25 सैंपलों की जांच होगी। शासन से मिले ट्रू नाट मशीन की स्थापना की कवायद शुरू हो चुकी है। दो से तीन दिन में मशीन के इंस्टालेशन का काम पूरा हो जाएगा।
वर्तमान में कोरोना संक्रमण चरम पर पहुंच चुका है। ऐसे में अधिक से अधिक जांच कर ही इस संक्रमण पर लगाम लगाया जा सकता है। वर्तमान में जिले के कोरोना संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कालेज भेजा जा रहा है। इससे पहले वाराणसी लैब व लखनऊ लैब सैंपल भेजा जाता था। इन लैबों पर लोड ज्यादा है, जिसके चलते सैंपल की रिपोर्ट पांच से सात दिनों में आ रही है। जब तक रिपोर्ट आती है तब तक कोरोना संदिग्ध जो रिपोर्ट में पॉजिटिव आता है कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। जिसे देखते हुए शासन ने प्रदेश के चार दर्जन से अधिक जिला अस्पतालों में कोरोना जांच की व्यवस्था का निर्देश दिया। इसके लिए ट्रू नाट मशीन शासन स्तर से चिन्हित अस्पतालों को उपलब्ध कराया गया है। जिला अस्पताल में भी मशीन पहुंच चुकी है और उसके इंस्टालेशन की कवायद भी शुरू हो चुकी है। जिला अस्पताल में बने आईसालेशन वार्ड के एक कक्ष में इस मशीन को स्थापित कराया जा रहा है। चार से पांच दिनों में जिला अस्पताल में ही कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी और प्रतिदिन अधिकतम 25 सैंपलों की जांच होगी।
शासन से कोरोना जांच के लिए ट्रू नाट मशीन मिल चुकी है। मशीन को आईसालेशन वार्ड के एक कक्ष में स्थापित कराया जा रहा है। चार से पांच दिनों में यहां जांच शुरू हो जाएगी और प्रतिदिन 25 सैंपलों की जांच होगी।
डॉ. एके सिंह, प्रभारी एसआईसी, मंडलीय अस्पताल।