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हिंदी दिवस पर संकल्पों के साथ आयोजित हुए कार्यक्रम

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आजमगढ़। हिंदी दिवस के अवसर पर लोगों को हिंदी से जागरूक करने के संकल्पों के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कहीं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया किया तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। छात्र-छात्राओं को हिंदी के महत्व के बारे में बताया गया। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों को हिंदी की उपयोगिता के बारे में बताया। निजामाबाद। हिंदी दिवस के अवसर पर मंगलवार को कस्बे के बाइपास पर स्थित स्थापित हिंदी साहित्य के पुरोधा अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके साथ ही गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिंदी हमारे देश की मातृभाषा है। इसलिए अन्य भाषाओं के साथ-साथ हिंदी भाषा के उत्थान के लिए हम सभी लोगों को सतत प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर पहलवान अमरजीत यादव, प्रधानाध्यापक संतराज यादव, डॉ. आदित्य सिंह, स्वतंत्र कुमार सोनकर, मनोज पांडेय शशि आलोक समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। बूढ़नपुर। शिक्षा क्षेत्र कोयलसा के उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़िया में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आजादी की लड़ाई में हिंदी भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके बाद भी हिंदी भाषा को सही सम्मान न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूर्व शिक्षक उदयराज यादव ने कहा कि हिंदी माध्यम के बच्चे किसी सफलता के मोहताज नहीं हैं। बीईओ श्वेता मौर्या ने शिक्षा की गुणवत्ता के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समय से पूर्व प्राप्ति कर प्रेरक ब्लाक बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों व अध्यापकों का आह्वान किया। इस दौरान नागेंद्र दूबे, कृपाशंकर, तथा नौमी प्रसाद यादव को सम्मान किया गया। इस अवसर पर अजय कुमार सिंह, राजेश कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, शैलेश सिंह, प्रवीण मिश्रा, डॉ राजेश सिंह व राघव सिंह सहित आदि उपस्थित थे। अंबारी। फूलपुर तहसील के अंबारी स्थित गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस मनाया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य यादवेंद्र कुमार आर्य ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को बताया कि राष्ट्रीय एकता के लिए हिंदी सबसे सशक्त माध्यम है। यह देश के बहुसंख्यक लोगों द्वारा बोली एवं समझी जाती है। इस अवसर पर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार, विजय कुमार शुक्ल, डॉ. नंदलाल चौरसिया, डॉ. अनूप पांडेय, अनिल कुमार, प्रिया मिश्रा, पूजा मौर्य,अरविंद कुमार सहित आदि उपस्थित थे। इसी क्रम में ओमप्रकाश मिश्र स्मारक पीजी कालेज मोलनापुर अहमद बख्श फुलेश में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि बीएचयू के हिंदी विभाग के प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप ने हिंदी विषय की गहराइयों पर व्याख्यान करते हुए कहा कि हिंदी हमारी सनातनी भाषा है। जिसका कोई आदि और अंत नही है। हिंदी भाषा अनंत है। कालेज के प्राचार्य डॉ. आरएसएन त्रिपाठी, कृष्णकांत मिश्रा, संरक्षक राम चंदर मिश्रा, छोटेलाल चतुर्वेदी, डॉ. विनय प्रकाश तिवारी आदि रहे। ठेकमा। हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी सुबोध संस्थान के कार्यालय पर विद्या प्रसाद पांडेय कि अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान के प्रबंधक समर बहादुर सिंह ने कहा कि हिंदी के विकास में कान्वेंट स्कूल बाधक बने हुए हैं। देश अंग्रेजों से आजादी पा गया पर उनकी भाषा का आज भी गुलाम बना हुआ हैं। हमें अंग्रेजी की गुलामी नहीं करनी है। हिन्दी के विकास के लिए इस गुलामी कि जंजीर को तोड़ना पड़ेगा। गोष्ठी में मुंद्रिका प्रसाद गिरी, विनय शंकर राय, अनिल सिंह, विजय प्रकाश पांडेय, मकसूद आजमी, रवींद्र प्रताप चौहान, कृष्ण कुमार मोदनवाल व गौरव कुमार रघुवंशी सहित आदि उपस्थित थे।
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