मुख्यमंत्री के आगमन की आहट मात्र से नगर की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त हो गई है। जिला प्रशासन ने तीन दिनों में शहर की सफाई कर डाली। सड़क के किनारे की खरपतवार हटा दी गई। पुलों के रेलिंग और डिवाइडर रंग दिए गए। सड़कों को एकदम साफ कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री को महीने में एक बार जिले का चक्कर लगा लेते तो शहर की सूरत ही बदल जाती। यह सब उस शहर में हो रहा है जहां के सांसद प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन कोई तयशुदा कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने विडियो कांफ्रेंसिंग में इसका संकेत भर दिया था कि वे जिलों का दौरा शुरू करेंगे। इसके बाद से प्रशासन हांफ रहा है। लोगों के अनुरोध के बावजूद जिन जगहों पर कभी सफाई नहीं होती थी उनको भी साफ-सुथरा कर दिया गया है। सड़कों के जिन गड्डे से राहगीर कराह उठते थे, उनको भरा जा रहा है। डिवाइडर की मरम्मत कराकर उसे रंग दिया गया है। सड़क से धूल और किनारों की मिट्टी हटा दी गई है। सड़कों के किनारे उग आई घास को भी साफ किया जा रहा है। बेलइसा ओवरब्रिज पर गड्ढे के चलते आए दिन जाम लगता था। लोग उसको भरने की मांग करके थक गए लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन की संभावना मात्र से उसे भर दिया गया। शहर क्षेत्र में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर को हटाया जा रहा है। हर अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि काश अगर सीएम हफ्ते में एक बार भी जिले में आ जाते तो हमारे शहर की सूरत बदल जाती। शहर से सर्किट हाउस जाने वाले बदहाल मार्ग को बनाया जा रहा है क्योंकि वहां मुख्यमंत्री रुकेंगे। इस बीच ओवरब्रिज पर धूल और मिट्टी जमा थी। गड्ढे हो गए थे। सबको दुरुस्त किया जा रहा है। सीएम का प्रोटोकाल नहीं आया है लेकिन जिला प्रशासन कोई कोरकसर नहीं छोड़ना चाहता है।