आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूल गरीब बच्चों का एडमीशन लेने में आनाकानी कर रहे हैं। स्कूल कह रहे उन्हें कोई लिस्ट नहीं मिली है। जबकि बीएसए कार्यालय से बच्चों की सूची विद्यालयों को भेजने की बात कही जा रही है लेकिन अभी तक प्रवेश नहीं हो सके हैं।
आरटीई के तहत गरीब वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला कराने का प्रावधान है। इसके एवज में सरकार संबंधित स्कूल को प्रतिमाह प्रतिपूर्ति शुल्क मुहैया कराती है। इस बार बच्चों के दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए मार्च से आवेदन शुरू हुए थे। विभाग की ओर से पहली लिस्ट जारी कर दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि ब्लाकों को लिस्ट दे दी गई है, वह स्कूलों में भी भेज दिए हैं। वहीं स्कूल संचालक सीधे-सीधे अभिभावकों को लिस्ट न आने की बात कहकर बैरंग वापस लौटा दे रहे हैं। प्रथम चरण में 551 और दूसरे चरण में 511 बच्चों को चयन हुआ है। उक्त बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावक स्कूल का चक्कर लगा रहे हैं। स्कूल संचालन लिस्ट न जारी होने की बात कहकर टाल दे रहे हैं।
ब्लाकों पर लिस्ट दे दी गई है। वहां से स्कूलों को भी भेजा जा चुकी है। जिन विद्यालयों को लिस्ट नहीं मिली है वह ब्लाक पर या कार्यालय में आकर प्राप्त कर सकते हैं।
अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी