अहरौला। स्थानीय थाना क्षेत्र के बेरॉव गांव निवासी व प्राइवेट स्कूल के चौकीदार ने रविवार की रात आम के पेड़ से फांसी लगा कर आत्महत्या कर लिया। एक सप्ताह पूर्व उसके घर पर लोन की वसूली को बैंक से टीम पहुंची थी। तभी से वह परेशान था। लोन की भरपाई न कर पाने के चलते वह सदमे में थे और आत्महत्या कर लिया। वहीं मृतक के बेटे ने स्कूल संचालक पर दबाव बनाकर लोन निकलवाने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी है।
बेरॉव गांव निवासी 60 वर्षीय रामकुमार चौहान पुत्र कांता चौहान गांव स्थित एक इंटर कालेज पर बतौर चौकीदार था। स्कूल संचालक के राइस मिल के पास उसकी चाय की दुकान भी थी। रविवार की शाम वह घर से खाना खाकर स्कूल पर चौकीदारी करने के लिए निकला था। सोमवार की सुबह उसकी लाश स्कूल के पास ही स्थित उसी के खेत में आम के पेड़ से रस्सी के सहारे लटकती मिली। परिजनों के अनुसार मृतक से लोन निकलवार कर उस पैसे से स्कूल संचालक रणविजय चौहान ने भैंस खरीदी थी और जमा करने के लिए पैसा नहीं दे रहे थे। जिसके चलते लोन के बकाए की वसूली के लिए बैंक की टीम भी घर पहुंच गई थी। मरने के पूर्व मृतक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिस पर उसने स्कूल संचालक द्वारा 40 हजार रुपये बैंक से लोन निकलवाने और पैसा न देने की बात लगी थी, इसी के चलते उसने आत्महत्या करने की बात भी सुसाइड नोट में लिखा था। घटना की जानकारी होने पर परिजनों के साथ ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजन सुसाइड नोट पा गए और उसे पढ़ रहे थे कि स्कूल संचालक भी मौके पर पहुंच गया और उक्त कागज को छीन कर फाड़ डाला। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाबत मृतक के पुत्र स्कूल संचालक रणविजय चौहान व उनके भाई रणधीर चौहान पुत्रगण रामशब्द चौहान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मृतक तीन पुत्र व एक पुत्री का पिता था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।