आजमगढ़। संसद में सरकार द्वारा पास कराने के लिए पेश किए जा रहे नेशनल मेडिकल कमीशन को रोकने के लिए मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और जिले के सभी चिकित्सकों ने अपनी ओपीडी को बंद रखा।
लेकिन पार्लियामेंट में बिल पास न होने पर चिकित्सकों ने शाम तीन बजे के बाद अपनी ओपीडी शुरू की। प्राइवेट चिकित्सकों की ओपीडी बंद होने से यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताते चलें कि सरकार ने मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया को भंग कर नेशनल मेडिकल कमीशन का गठन किया। मंगलवार को पार्लियामेंट में इस कमीशन को पास होने के लिए पेश किया जाना था। कमीशन में व्याप्त कमियों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कई वर्षों से इसका विरोध करते आ रहा है।
एसोसिएशन की मांग है कि पहले इसमें व्याप्त कमियों को दूर किया जाए इसके बाद इसे लागू किया जाए। मंगलवार को बंदी के दौरान सिविल लाइन स्थित प्रकाश नर्सिंग होम में आयोजित प्रेसवार्ता में आईएमए अध्यक्ष डा. स्वास्ति सिंह ने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार आयुष और होम्योपैथिक के चिकित्सकों को ब्रिज कोर्स के माध्यम कम समय में शिक्षित कर एलोपैथिक विधि से उपचार करने की इजाजत दे दी जो गलत है।
सरकार एमबीबीएस बच्चों को प्रैक्टिस करने की इजाजत पाने के लिए एक और परीक्षा देने की व्यवस्था इस कमीशन में की है। मेडिकल कॉलेजों में 60 प्रतिशत सीटों को मैनेजमेंट कोटे से भरने का निर्णय लिया है।
जिसके कारण मेडिकल की पढ़ाई महंगी होगी। मध्यम तबके के बच्चे मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने से वंचित होंगे। पहले फारेन कंट्री से पढ़ाई करके आने वाले चिकित्सकों को परीक्षा देनी होती थी लेकिन अब सरकार ने उन्हें परीक्षा से छूट दे दी है।
जबकि अपने यहां पढ़ छात्रों की परीक्षा लेने की तैयारी है। इसके अलावा इसमें और कई कमियां हैं जिसे दूर करने की मांग हमारे द्वारा कई वर्ष से की जा रही है। लेकिन सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान दिए बिना ही इसे पार्लियामेंट में पास कराने जा रही थी।
जिसके कारण आज हमें विरोध में अपनी ओपीडी बंद करके विरोध करना पड़ा। लेकिन अब इसे सेंडिंग कमेटी में डाल दिया गया है। सुबह 10 बजे से बंद ओपीडी शाम तीन बजे के बाद ही शुरु हो सकी। इस मौके पर डा. हेमबाला यादव, डा. सीमा, डा. मधुलिका त्यागी, डा. फुरकान अहमद आदि उपस्थित थे।
ओपीडी बंद होने से परेशान रहे मरीज
प्राइवेट चिकित्सकों की ओपीडी बंद होने से इन्हें दिखाने के लिए क्लीनिक पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर से आने वाले मरीज मायूस होकर घर लौटे।
हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवा चालू थी। मेंहनगर से आईं शीला ने बताया कि उन्हें डा. हेमबाला यादव को दिखाना था लेकिन उनके न मिलने के कारण वह नहीं दिखा सकीं। अब दूसरे दिन दिखाएंगी।
बिलरियागंज से आई सुनीता ने बताया कि उन्हें डा. स्वास्ति सिंह को दिखाना था लेकिन उनके मरीज न देखने के कारण वह वापस जा रही हैं अब दूसरे दिन दिखाएंगी।
सरकारी अस्पतालों में उमड़ी भीड़
प्राइवेट चिकित्सकों की ओपीडी बंद होने के कारण उनके यहां पहुंचने वाले मरीज चिकित्सक के न मिलने पर सरकारी अस्पतालों का रूख किए। जिसके कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
पुराने मरीज तो वापस लौट गए लेकिन जो नए मरीज थे और वह किसी प्राइवेट चिकित्सक को दिखाने कडे लिए लेकिन उनके न मिलने पर सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को दिखाकर इलाज कराया।