इसी दिन आईजी अखिलेश कुमार ने प्रकरण की विवेचना जनपद पुलिस से लेकर सीओ नगर मऊ धनंजय मिश्रा को दे दी। धनंजय ने 24 घंटे की विवेचना के बाद सीजेएम कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी। इसमें उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षक अभिषेक राय को आत्महत्या के लिए उकसाने का भी दोषी नहीं पाया। इसके आधार पर सीजेएम ने बुधवार देर शाम दोनों को 20-20 हजार के मुचलके पर रिहा करने का आदेश पारित कर दिया। रात लगभग साढ़े नौ बजे कोर्ट से रिहाई आदेश जेल पहुंचा। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
सीओ सिटी मऊ ने विवेचना में 12 से अधिक लोगों से पूछताछ करने के साथ ही बयान दर्ज किए। इसमें छात्रा के माता-पिता के अलावा विद्यालय के कर्मचारी संजीव कुमार, अनुकृति शुक्ला, नीलम कुमारी, विदिशा, धर्मेंद्र कुमार दुबे, अरविंद कुमार सिंह, राजकुमारी, सुनीता, कौशिल्या, भोगा उर्फ भुनगी, प्रशांत पांडेय के साथ ही दो युवक व उनके परिजन भी शामिल रहे। 24 घंटे में सीओ ने विवेचना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी।
पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी को बदनाम किया जा रहा है। न्याय के लिए अब वह सीएम से गुहार लगाएंगी। मां ने कहा कि कहा कि पुलिस किसी की नहीं होती है, आज उन लोगों ने यह साबित कर दिया। अब योगी जी के पास जाऊंगी और न्याय की गुहार लगाऊंगी।
विद्यालय के प्रबंधक कृष्ण मोहन त्रिपाठी गुरुवार को मीडिया के सामने आए। कहा कि शासन-प्रशासन ने न्याय संगत कार्रवाई की है। कहा कि छात्रा की मौत से पूरा विद्यालय परिवार दुखी है। छात्रा व उसके परिजनों के प्रति संवेदना है।