आजमगढ़। ईदुल-फित्र की नमाज शुक्रवार को प्रात काल लोगों ने अपने-अपने घरों में अदा किया। शुक्रवार का दिन होने के कारण सुबह में ईद की नमाज और दोपहर में जुमे की नमाज अदा कर दोहरा सवाब प्राप्त किया। नमाज के बाद लोगों ने देश की सलामती और कोरोना खात्मे की दुआ मांगी। वहीं एक-दूसरे को ईद मुबारकबाद दी लेकिन गले मिलने और हाथ मिलाने से परहेज किया। देर रात तक सेवई खाने और खिलाने का सिलसिला जारी रहा।
कोरोना संक्रमण के कारण सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुपालन में शहर इमाम द्वारा ईदगाह में नमाज नहीं पढ़ाए जाने का संदेश पहले ही दिया जा चुका था। वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी नगर क्षेत्र की मस्जिदों पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। ईद की नमाज और जुमे की नमाज पढ़े जाने को लेकर भोर से ही तैयारी शुरू हो गई। सूरज निकलने के बाद नौजवान बच्चे बूढ़े सभी नए कपड़े पहन कर और उन पर इत्र लगा कर अपने-अपने घरों में ही अदा किया। नमाज के बाद सभी ने अल्लाह से देश की सलामती और करोना के खात्मे की दुआ मांगी। दोपहर में जुमे की नमाज भी अदा किया। ईद की मुबारकबाद और सेवई खाने खिलाने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। लोगों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए स्वयं को सुरक्षित रखा और दूसरे को भी सुरक्षित रखने का प्रयास किया। विगत वर्ष और इस वर्ष भी ईदगाह में नमाज नहीं पढ़े जाने का मलाल था तो वहीं बच्चे भी अपने खिलौने खरीदने से वंचित रह गए।