आजमगढ़। गंभीरपुर के सिंघड़ा गांव के दबंग प्रधान पर अनुसूचित जाति की महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर एसपी ने प्रकरण को संज्ञान में लिया और गंभीरपुर पुलिस को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर गंभीरपुर पुलिस ने प्रधान को गिरफ्तार भी कर लिया।
सिंघड़ा गांव के प्रधान संतोष यादव गांव में पंचायत भवन का निर्माण करा रहा था। रविवार को निर्माण कार्य हो रहा था कि अनुसूचित बस्ती की महिलाएं मौके पर पहुंच कर विरोध करने लगी। महिलाओं का कहना था कि एसडीएम से पैमाइश करा कर पंचायत भवन का निर्माण कराया जाए लेकिन प्रधान अपनी मर्जी से ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण करा रहे थे। महिलाओं के विरोध पर प्रधान व उसके पक्ष के लोग आक्रोशित हो उठे। कहासुनी के बाद प्रधान ने महिलाओं को खेत में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसमें घटना क्रम के साथ ही गंभीरपुर पुलिस की लापरवाही को भी उजागर किया गया था। गंभीरपुर चौकी पुलिस पीड़ितों की तहरीर नहीं ले रही थी। वहीं एसओ गंभीरपुर राकेश कुमार सिंह तहरीर मिलने से ही इंकार कर रहे थे। अमर उजाला की इस खबर को एसपी ने संज्ञान लिया और दबंग प्रधान संतोष यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने का निर्देश गंभीरपुर थाना पुलिस को दिया। एसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही आरोपी प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया।
पंचायत भवन के निर्माण को लेकर विरोध हुआ था। इस दौरान महिलाओं ने प्रधान का गिरेबान तक पकड़ लिया था। इस पर प्रधान ने उन पर हमला किया। महिलाओं पर हमला करना निश्चित तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है। प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोप प्रधान को गिरफ्तार भी कर लिया है। - सुधीर कुमार सिंह, एसपी, आजमगढ़।