मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीबी सिंह मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दे चुके हैं लेकिन पुलिस रिपोर्ट भी नहीं दर्ज की।
पुलिस की शब्दों में ‘हमारे पास घटिया और असली खून नापने का कौन सा यंत्र मौजूद है’। ऐसे में घटिया ब्लड बेचने जैसे गंभीर विषय पर भी प्रशासन का रुख स्पष्ट नहीं है। जबकि इस व्यवसाय से जुड़े लोग खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बताते चलें कि सिधारी थाने के जाफरपुर गांव निवासी लालचंद की किडनी खराब है। वह नर्सिंग होम में भर्ती है। आपरेशन के दौरान अस्पताल के डा. पंकज जायसवाल ने मरीज के परिवारीजनों को तीन यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने को कहा था।
डाक्टर दो यूनिट खून पहले चढ़ा चुका था। 13 फरवरी को एक यूनिट ब्लड और लाने को कहा। लालचंद के एक रिश्तेदार ने शहर से चार हजार रुपये में एक यूनिट ब्लड खरीद कर लाया, जो घटिया था।
इसकी जानकारी होने पर सीएमओ डा. वीबी सिंह ने शनिवार की रात शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी। लेकिन न रिपोर्ट दर्ज हो सकी,
ना ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जांच शुरू हुई।