रविवार की सुबह से ही प्रधानी चुनाव का परिणाम जानने के लिए उत्साहित कार्यकर्ताओं और समर्थकों को काबू में करने के लिए पुलिस को पसीने छूटते रहे।
कई जगहों पर पुलिस को इसके लिए लाठी भांजनी पड़ी, तो कई स्थानों पर समर्थक और पुलिस के जवानों में नोंकझोंक भी हुई।
महीनों से दिन रात एक करने के बाद रविवार को चुनाव परिणाम आना था। इसके लिए भोर से ही समर्थकों की भीड़ केंद्र के बाहर जमा थी। जिला प्रशासन द्वारा केंद्र से दो सौ मीटर दूर रहने की सख्त हिदायद दी गई थी।
इसी के तहत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग हुई थी। वहां बाकायदे दरोगा और सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
लेकिन भीड़ के आगे प्रशासन की सारी व्यवस्था फेल नजर आई। आलम यह हुआ कि भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस वालों के पसीने छुूटते रहे।
इसमें शहर के डीएवी कालेज के पास गणना केंद्र के बाहर ड्यूटी पर लगे एसओ सिधारी को भीड़ नियंत्रण में करने के लिए लाठियां भांजनी पड़ी।
पुलिस के सख्त तेवर को देखते हुए सत्ता से जुड़े कुछ लोग पुलिस से भिड़ गए। उन लोगों ने किसी एसओ को देख लेने की धमकी तक दी। हालांकि बाद में वे लोग सिपाहियों को चेतावनी देते हुए चले गए।
ऐसा ही कुछ हाल जिले के अन्य केंद्रों के बाहर भी देखने को मिला। तरवां ब्लाक पर मतगणना के समय समर्थकों की भारी भीड़ निर्धारित दूरी के भीतर घुस जा रही थी।
पुलिसवालों के बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी जब लोग नहीं मानें तो उन्हें नियंत्रण में करने और दूर भगाने के लिए पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी।
उधर, एसओ तरवां छत्रजीत सिंह के आदेश पर सिपाहियों ने जब लाठी पटकना शुरू किया तो भीड़ एकाएक दूर भागी। इस दौरान कई लोग गिरकर चुटहिल भी हो गए।
पुलिस द्वारा उठाए गए इस कदम का परिणाम रहा कि दोबारा किसी ने आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटाई। जबकि पुलिस लगातर लोगों का हटाती बढ़ाती रही।