नगर पंचायत कार्यालय महाराजगंज में सोमवार दोपहर दो बजे बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उपस्थित सभासदों ने अपने प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल न करने पर जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच अधिशासी अधिकारी बैठक छोड़कर सभा कक्ष से जाने लगीं।
बाद में सदस्यों ने उन्हें जाने से मना करते हुए गेट बंद कराने की बात कही। अधिशासी अधिकारी ने उप जिलाधिकारी को सूचित किया। थाने से फोर्स मौके पर पहुंची तो सभासदों को हटाकर अधिशासी अधिकारी को बाहर भेजा गया।
नगर पंचायत के सभासद दयाराम यादव, मनीष मिश्रा, फैयाज अहमद, नौशाद अहमद, हाजी रहीम उल्लाह, हसीना बानो, सुंदरी देवी, पुष्पा यादव आदि ने बताया कि बोर्ड के गठन को काफी समय बीत गया है, लेकिन नगर में कोई विकास कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया। कई बार शौचालय की धनराशि, सफाई कर्मचारियों की संख्या, प्रकाश व्यवस्था में लगे जनरेटर पर आने वाले व्यय के संबंध में लिखित रूप से जानकारी मांगी गई, लेकिन नगर पंचायत द्वारा कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
नगर पंचायत की ओर से शादी-विवाह में उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के टैंकर निशुल्क भेजे जाते थे। इस पर पांच सौ रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसका सभासदों ने विरोध किया तो ईओ बैठक से उठ कर जाने लगीं। वहीं, अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया की बैठक में एजेंडे पर परिचर्चा होती है। बाकी सवाल अध्यक्ष की अनुमति से उठाए जा सकते हैं। मैंने सभासदों से कहा की नियम संगत ढंग से मुद्दों को अध्यक्ष की अनुमति से अगली बैठक के लिए रखें। इस पर अध्यक्ष ने बैठक को समाप्त करने की घोषणा कर दी। मैं जाने लगी तो सभासदों ने गेट बंद करने की बात कही।