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Azamgarh News: नकल माफियाओं के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस, कसेगा शिकंजा

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आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा में शुचिता बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बीते 30 वर्षों के दौरान नकल कराने वाले सक्रिय गिरोहों और तथाकथित नकल माफियाओं को चिह्नित करने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके तहत पुलिस पुराने अभिलेखों, दर्ज मुकदमों और परीक्षा केंद्रों से जुड़े मामलों की फाइलें खंगाल रही है।
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जिले में हाईस्कूल व इंटर में लिखित परीक्षाएं निर्धारित 273 केंद्रों पर 18 फरवरी यानी आज बुधवार से शुरू होगी। 12 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा में हाईस्कूल के 83768 व इंटर के 86271 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में पूर्व वर्षों में सामने आए नकल प्रकरणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। जिन व्यक्तियों, केंद्र व्यवस्थापकों या बाहरी तत्वों की संलिप्तता बार-बार सामने आई है, उनकी अलग से सूची तैयार की जा रही है। इन लोगों पर भविष्य में कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उन्हें किसी भी रूप में परीक्षा व्यवस्था से दूर रखने की योजना है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल नकल पर प्रभावी रोक लगाना है, बल्कि संगठित गिरोहों की पूरी संरचना को चिन्हित कर उन्हें जड़ से खत्म करना भी है। आने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने अब तक एक दर्ज से अधिक नकल कराने वालों को चिन्हित किया है।
प्रिंसिपल समेत छह लोग हुए थे गिरफ्तार
आजमगढ़। वर्ष 2025 में आयोजित यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एसटीएफ ने गंभीरपुर क्षेत्र से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल भी शामिल था। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल, पांच एडमिट कार्ड, चार फर्जी आधार कार्ड, फिजिक्स के छह प्रश्नपत्र और सात उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की थीं। जांच में सामने आया कि सॉल्वर परीक्षार्थियों की जगह कॉपियां लिख रहे थे। पूछताछ के आधार पर पब्लिक सर्विस सेंटर संचालक को भी गिरफ्तार किया गया था।
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सामूहिक नकल मामले में सात पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
वर्ष 2025 में आयोजित कप्तानगंज थाना क्षेत्र के नरफोरा बिलारी स्थित प्रियंका सिंह इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल कराए जाने का मामला सामने आया था। यह विद्यालय अलीगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा था। मामले में स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया गया था। मंगलवार को परीक्षा की शुचिता की जांच के लिए गठित स्टेटिक मजिस्ट्रेट की टीम जब विद्यालय पहुंची तो वहां परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा कक्ष के बजाय दूसरे कमरे में लिखी जा रही थीं। छापेमारी की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मौके से भागने लगे। इस दौरान दो लोग फरार हो गए थे, जबकि टीम के साथ मौजूद अधिकारियों ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
30 वर्षों के नकल प्रकरणों, दर्ज मुकदमों और सक्रिय गिरोहों के पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। जिन व्यक्तियों, केंद्र व्यवस्थापकों या बाहरी तत्वों की संलिप्तता बार-बार सामने आई है, उन्हें चिह्नित कर सूचीबद्ध किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। - डा. अनिल कुमार, एसपी आजमगढ़।
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