पहले करते थे रेकी, फिर करते थे चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास एसयूवी खड़ी कर नजदीकी गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां आसानी से चोरी की जा सके। इसके बाद रात में छत या पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश कर मशीन से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले काटकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करते थे। वारदात के बाद सभी सदस्य तय स्थान पर पहुंचते थे, जहां एसयूवी चालक उन्हें लेकर फरार हो जाता था। चोरी का सामान बेचकर मिले रुपये आपस में बांट लेते थे।
आरोपियों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अंबेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर अहरौला की दो, तहबरपुर की दो, बिलरियागंज की दो और अंबेडकरनगर के जैतपुर क्षेत्र की एक चोरी की घटना का खुलासा हुआ है।