सीओ भूपेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पूछताछ में इन लोगों ने खुद को शिक्षक बताया और कहा कि वे कोविड काल में निजामुद्दीन, दिल्ली से मुस्लिम धर्म की शिक्षा देने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे गए थे। ये लोग मस्जिदों में जाकर शिक्षा देते हैं। पुलिस ने इनके आपराधिक इतिहास की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध रिकॉर्ड नहीं मिला।
सीओ ने कहा कि हमने 14 लोगों के खिलाफ प्राप्त आवेदन के आधार पर जांच शुरू की है। फिलहाल कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। ये लोग शुक्रवार को दूसरे गांव में जाएंगे। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। इन लोगों को निर्देशित किया गया है कि जब यह लोग कहीं जाएं तो पुलिस को सूचना देकर जाएं।