उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए डीएम से धांधली की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उधर इससे पूर्व अभ्यर्थियों ने सपा कार्यालय पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर विरोध्ा जताया।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2013 में सिपाही भर्ती के लिए 41610 पदों पर विज्ञापन निकाला गया था। जिसमें पीईटी में नंबर की व्यवस्था की गई थी। जिसमें पूर्ण रूप से धांधली हुई है। जिन अभ्यर्थियों का दौड़ में 60 नंबर है उन्होंने दलालों के जरिए 100 नंबर कराकर जबरदस्त धांधली की है। दौड़ का नंबर नेट के माध्यम से नहीं दिखाया गया।
मुख्य परीक्षा का नंबर और पीईटी का नंबर जोड़कर लिस्ट जारी नहीं की गई।
कहा कि दलालों के माध्यम से कुछ लड़कों की मुख्य लिखित परीक्षा में आएमआर सीट पर ह्वाइटनर लगाकर उनके नंबरों को बढ़ाया गया है। जिसका परिणाम है कि मायावती सरकार में सामान्य की मेरिट 61.1 और ओबीसी की 57.1 प्रतिश्ता थी। वहीं सपा सरकार में सामान्य की 78.51 और ओबीसी की 76.51 बनाई है। उन्होंने जिलाधिकारी से उक्त भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
इससे पूर्व अभ्यर्थियों ने सपा कार्यालय पर पहंंुच कर नारेबाजी की और प्रदेश सरकार के पुतले को आग के हवाले किया। कहा कि प्रदेश सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। अधिकारियों के संज्ञान में सबकुछ है लेकिन वह इसकी अनदेखी कर रहे हैं। नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मांग की कि सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए अभ्यर्थियों के साथ्ा न्याय की बात करे। इस दौरान सपा कार्यालय के सामने पुतला दहन होते देख लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने भी उनकी बात को सही ठहराया।